बुधवार, 29 जुलाई 2026

प्रकृति प्रेमी पद्मश्री हिमताराम जी भांबू ने कंजर्वेशन रिजर्व (फॉरेस्ट) घोषित करवाने का उठाया बीड़ा

प्रकृति सरंक्षण  के लिए उठाया बहुत बड़ा बीड़ा।
प्रकृति प्रेमी पद्मश्री हिमताराम जी भांबू ने कंजर्वेशन रिजर्व (फॉरेस्ट) घोषित करवाने का उठाया बीड़ा
हरसौर प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित है पद्मश्री हिम्मताराम भांबू ने नजदीकी गांव पंचायत थाटा के अंतर्गत भंवाल क्षेत्र के विशाल वन क्षेत्र का दौरा किया। प्रकृति की सुंदर वादियों और हरी-भरी वनस्पतियों से लदे इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवों की उपस्थिति को देखते हुए उन्होंने इसे "कंजर्वेशन रिजर्व" (फॉरेस्ट) घोषित करवाने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए हिमताराम जी  राज्य सरकार को चिट्ठी लिखेंगे।
8 से 10 हजार बीघा भूमि बनेगी वन्य जीवों की सुरक्षित शरणस्थली- इस दौरे के दौरान पद्म श्री हिमताराम  भांभू ने बताया कि भंवाल क्षेत्र में लगभग आठ से दस हजार बीघा भूमि फैली हुई है, जो प्राकृतिक रूप से वन्य जीवों के लिए एक बेहतरीन सुरक्षित प्राकृतिक आवास है। यदि इस संपूर्ण क्षेत्र को सरकारी स्तर पर कंजर्वेशन रिजर्व घोषित कर दिया जाए, तो यह न केवल पर्यावरण संतुलन को बनाए रखेगा।
 बल्कि बेजुबान वन्य जीवों के लिएएक सुरक्षित और बहुत  विशाल शरणस्थली साबित होगा।
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दूसरी तरफ 
हरसौर
दैनिक भास्कर के 'एक पेड़-एक जिंदगी' अभियान के तहत बालिका वाटिका का लोकार्पण, लगाए 2500 पौधे
अभियान 'एक पेड़-एक जिंदगी' से प्रेरित होकर ग्राम पंचायत मोड़ी कलां की ओर से बोफली में तैयार की 'बालिका गई का सोमवार को लोकार्पण समारोह आयोजित हुआ। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी योगदान देने वाले पद्मश्री हिम्मताराम भांभू ने मुख्य अतिथि के रूप में फीता काटकर वाटिका का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के  दौरान बोफली, ओरियाना और  मोरियाना क्षेत्र में 2500 पौधे रोपने  के महाअभियान का शुभारंभ हुआ।  कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रशासक पार्वती देवी मातवा ने की। ग्राम  विकास अधिकारी स्नेह कंवर शेखावत ने बताया कि वाटिका के लोकार्पण के साथ ही गांव में एक नई परंपरा की नींव रखी गई है। अब से पंचायत क्षेत्र में जब भी किसी बेटी का जन्म होगा, उसकी स्मृति और सम्मान में बालिका वाटिका में एक नया पौधा लगाया जाएगा। बेटी के बड़े होने के साथ-साथ वह पौधा भी विशाल वृक्ष बनेगा, जो गांव की हरियाली और खुशहाली का प्रतीक होगा।
बेटी की परवरिश की तरह ही होगी देखभाल।
मुख्य अतिथि पद्मश्री हिम्मताराम भांभू ने दैनिक भास्कर की इस मुहिम और ग्राम पंचायत के इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि जिस तरह हम अपनी बेटियों को लाड-प्यार से बड़ा करते हैं और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखते हैं, ठीक उसी तरह इन पौधों को भी पेड़ बनने तक संरक्षण की जरूरत है। मोड़ी कलां ग्राम पंचायत ने प्रकृति और नारी शक्ति को एक सूत्र में पिरोकर पूरे प्रदेश के सामने मिसाल पेश की है।
लोकार्पण के बाद पहले ही दिन 2500 पौधे रोपे गए।
बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
वही दूसरी तरफ चिकित्सालय परिसर में 25 पौधे रोपकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
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सोमवार, 6 जुलाई 2026

खेजड़ली उच्छव 2026 बीकानेर के गंगाशहर के भीनासर गांव की गौचर भूमि में 11 हजार खेजड़ी के पेड़

बीकानेर के गंगाशहर में मनाया गया खेजड़ली उच्छव 
भीनासर गोचर भूमि पर रविवार को 'खेजड़ली उच्छव' मनाया गया। हजारो शहरवासियों ने एक दिन, एक साथ और चार घंटे में 100 बीघा भूमि पर 11 हजार खेजड़ी के पौधे लगाए। संत-महात्माओं के सान्निध्य और हरजस व लोकगीतों की गूंज के बीच हुए खेजड़ली उच्छब में बच्चों से बुजुर्गों तक,महिलाओं तथा समाज के हर वर्ग से जुड़े लोगों की सहभागिता रही।
बीकानेर वैचारिक जागरण मंच के तत्वावधान में हुए इस उच्छब में पद्मश्री हिमताराम  भांमू और श्याम सुंदर पालीवाल भी मौजूद रहे। उच्छब का आगाज शहीद अमृता देवी की स्मृति में 363 महिलाओं ने पारंपरिक हरजस व लोकगीतों की स्वर लहरियों के बीच 363 खेजड़ी के पौधे लगाकर किया। खेजड़ली उच्छब में बीकानेर शहर व ग्रामीण सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए प्रकृति प्रेमी और पर्यावरण प्रेमी भी शामिल हुए।
इस मौके पर  पद्मश्री हिमताराम भांभू ने पौधरोपण किया। और  उन्होंने स्वरचित कविता 'हो भाया पेडा ने मत काटो रे, जो कोई काटै पेड सब मिलजुल कर डांटो रे, वर्षा आऐ पेड़ लगाओ, चारो ओर हुए हरियाली' का गायन किया। कई हजारों की संख्या में ग्रामवासी शामिल रहे।
इस खेजड़ी लगाने में गोचर भूमि का हुआ शृंगार

पद्मश्री हिम्मताराम जी भांभू  ने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए बिना भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। देश को विकास की जरूरत है, लेकिन किसी भी कीमत पर पर्यावरण और प्रकृति को तुकसान पहुंचाकर नहीं चुकाई जानी चाहिए। रविवार को बीकानेर में आयोजित 'खेजड़ली उच्छब' में शामिल होने पहुंचे भांभू ने पत्रकारों से विशेष बातचीत में सरकार और समाज दोनों को मिलकर गोचर कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि गोचर भूमि केवल गोवंश की ही नहीं, बल्कि लाखों जीव-जंतुओं और पक्षियों का प्राकृतिक आवास है।
 इन क्षेत्रों को पौधरोपण के माध्यम से 'ऑक्सीजन हब' के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। 
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Himtaram Bhambhu 

मंगलवार, 11 नवंबर 2025

प्रकृति प्रेमी हिमताराम भाम्बू का तीन दिवसीय मेघालय का दौरा शिलॉंग में पर्यावरण पर करेंगे संबोधित

प्रकृति प्रेमी हिमताराम भाम्बू  का तीन दिवसीय मेघालय का दौरा शिलॉंग में पर्यावरण पर करेंगे संबोधित

हमारे देश के गौरव पद्मश्री हिम्मता राम जी भाम्बू  द ट्री मैन 18 नवंबर को 3 दिवसीय यात्रा पर मेघालय।
मेघालय में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन मे करेंगे शिरकत, जल, जंगल, जमीन, जैविक विविधता,जलवायु और जनसंख्या,जीवन को बचाने के लिए देंगे उद्धबोधन, हिमताराम जी 14 राज्यों एवं 29 यूनिवर्सिटी में हजारो लोगो को कर चुके है सम्बोधित हैं।
 
20 नवम्बर को मेघालय शिलॉन्ग में  जल जंगल जनसख्या पर करेंगे सम्बोधित।
हमे आप पर गर्व है।
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हिमताराम जी की 2024-2025 की यादगार उपलब्धियां